हरजोड़ा घाट कटाव निरोधी कार्य में अनियमितता का आरोप, पूर्व विधायक प्रत्याशी ने किया निरीक्षण

 

मधेपुरा | आलमनगर

आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के गंगापुर पंचायत स्थित हरजोड़ा घाट में कोसी नदी के कटाव से किसानों की जमीन और आसपास के गांवों को बचाने के लिए चल रहे कटाव निरोधी कार्य में अनियमितता का मामला सामने आया है। पूर्व महागठबंधन विधायक प्रत्याशी ई. नवीन कुमार निषाद ने शनिवार को स्थल का निरीक्षण किया और कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव निरोधी कार्य में बोरों में बालू की जगह मिट्टी भरकर उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इस संबंध में उन्होंने मौके पर मौजूद कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार से आपत्ति जताई। बताया गया कि अभियंता ने भी प्रारंभिक तौर पर अनियमितता की बात स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसे बोरे हटाए जाएंगे और आगे कार्य में निर्धारित मानकों के अनुसार बालू का ही उपयोग किया जाएगा।

इसके बाद ई. नवीन कुमार निषाद ने मामले की शिकायत जिला पदाधिकारी से की। उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि कटाव निरोधी कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि यदि कहीं गड़बड़ी दिखाई दे तो उसका फोटो और वीडियो उपलब्ध कराएं, ताकि जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित हो।

ई. नवीन कुमार निषाद ने जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेकर कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने पर आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिला प्रशासन गुणवत्ता को लेकर गंभीर है, तो फिर ठेकेदार किसके दबाव में या किसके संरक्षण में मानकों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने ठेकेदार से भी अपील की कि कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ कराया जाए। यदि किसी प्रकार की स्थानीय समस्या, दबाव, धमकी या अवैध मांग का सामना करना पड़े तो इसकी जानकारी उन्हें और जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गुणवत्तापूर्ण कटाव निरोधी कार्य के माध्यम से हरजोड़ा घाट, मारवाड़ी वासा और लूटना टोला को कोसी नदी के कटाव से बचाना ही उनकी प्राथमिकता है।

फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से मामले की निगरानी की जा रही है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना है।

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